संस्कृत में अधिकतम घात १०^५३ दी गयी है, यहाँ सामान्य उपयोग में आने वाली (१०^१७) घातों को याद करने हेतु श्लोक दिया जा रहा है
एकं दश शतं चैव सहस्रमयुतं तथा।
लक्षं च नियुतं चैव कोटिरर्बुदमेव च।।
वृन्दं खर्वो निखर्वश्च शङ्खः पद्मश्च सागरः
अन्त्यं मध्यं परार्धं च दशवृद्ध्या यथाक्रमम्
एकम् = १०^०
दश = १०^१
शतम् = १०^२
सहस्रम् = १०^३
अयुतम् = १०^४
लक्षम् = १०^५
नियुतम् = १०^६
कोटिः = १०^७
अर्बुदम् = १०^८
वृन्दम् = १०^९
खर्वः = १०^१०
निखर्वः = १०^११
शङ्खः = १०^१२
पद्मः = १०^१३
सागरः = १०^१४
अन्त्यम् = १०^१५
मध्यम्। = १०^१६
परार्धम् = १०^१७
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